तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो (TGCSB) ने साइबर अपराध के शिकारों को चेतावनी दी है कि वे केवल राष्ट्रीय साइबरक्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) के माध्यम से ही रिफंड दावा करें। यह कदम धोखाधड़ी के बाद धन वसूली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए उठाया गया है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- साइबर अपराध के शिकारों को धन वसूली के लिए केवल Money Restoration Module का उपयोग करना अनिवार्य है।
- दावा प्रक्रिया में मोबाइल नंबर, OTP सत्यापन, PAN अपलोड और नियत बैंक खाता चयन शामिल है।
- मंत्रालय द्वारा कोई शुल्क नहीं लिया जाता; OTP या बैंकिंग जानकारी साझा करने से बचें।
तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो (TGCSB) ने आज एक आधिकारिक विज्ञप्ति जारी कर साइबर अपराध के शिकारों को याद दिलाया है कि वे अपने धन वसूली के लिए केवल राष्ट्रीय साइबरक्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर उपलब्ध Money Restoration Module (MRM) के माध्यम से ही कार्य करें। यह निर्देश तब आया है जब गृह मंत्रालय (MHA) ने कई पीड़ितों को एक विशेष रिफंड के बारे में एसएमएस या सूचना भेजी थी।
Money Restoration Module की कार्यवाही
MRM को इस उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है कि साइबर धोखाधड़ी से हुए वित्तीय नुकसान को, पुलिस, न्यायालय और संबंधित बैंकों की सत्यापन प्रक्रिया के बाद, तेज़ और सुरक्षित रूप से पुनःस्थापित किया जा सके। पीड़ितों को अपना मोबाइल नंबर, जो उनके साइबरक्राइम शिकायत में दर्ज है, से लॉगिन करना होगा, फिर OTP के माध्यम से पहचान सत्यापित करनी होगी। इसके बाद उन्हें अपने अनुरूप शिकायत, नियत बैंक खाता, और जहाँ आवश्यक हो PAN विवरण अपलोड करके रिफंड का विवरण समीक्षा करना होता है।
आधिकारिक प्रक्रिया बनाम धोखाधड़ी वाली स्कीम
TGCSB ने स्पष्ट रूप से कहा है कि गृह मंत्रालय द्वारा जारी कोई भी आधिकारिक रिफंड प्रक्रिया के अलावा किसी भी तीसरे पक्ष द्वारा प्रस्तावित तेज़ रिफंड सेवाओं से सावधान रहें। कई मामलों में धोखेबाज पीड़ितों को OTP, पासवर्ड या बैंकिंग विवरण साझा करने के लिए उकसाते हैं, जिससे अतिरिक्त नुकसान हो सकता है। ब्यूरो ने यह भी कहा है कि Money Restoration Module के माध्यम से रिफंड अनुरोध जमा करने पर कोई भी शुल्क नहीं लिया जाता।
सहायता और संपर्क साधन
यदि किसी नागरिक को रिफंड प्रक्रिया में कोई कठिनाई या संदेह हो, तो वह 08:00 से 20:00 के बीच TGCSB हेल्पडेस्क (फोन: 8712665600) पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, वे अपने स्थानीय पुलिस स्टेशन या अपने केस के जांच अधिकारी से भी जानकारी ले सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य न केवल पीड़ितों को आर्थिक रूप से पुनःस्थापित करना है, बल्कि साइबर अपराध के खिलाफ सार्वजनिक भरोसा भी बनाना है।
भविष्य की दिशा
डिजिटल लेन‑देन के बढ़ते प्रयोग के साथ साइबर धोखाधड़ी में वृद्धि देखी जा रही है। TGCSB का यह कदम, राष्ट्रीय स्तर पर नियोजित साइबर सुरक्षा ढाँचे के साथ सामंजस्य स्थापित करता है, जिससे भविष्य में अधिक पारदर्शी और जवाबदेह प्रक्रिया स्थापित होगी। इस प्रकार, सरकार और नागरिक दोनों मिलकर साइबर अपराध के प्रभाव को कम करने में सहयोग कर सकते हैं।