वाराणसी स्थित आर्ट कम्युनिटी 'Mysticeti' ने बच्चों के साहित्य में कदम रखते हुए 'Bapa Wants Fish' नामक एक विशेष पुस्तक पेश की है, जो 1990 के दशक के ओडिशा की यादों को ताज़ा करती है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- वाराणसी स्थित आर्ट कम्युनिटी 'Mysticeti' ने बच्चों के लिए 'Bapa Wants Fish' पुस्तक लॉन्च की।
- यह किताब 1990 के दशक के ओडिशा, पारिवारिक रिश्तों और मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों पर आधारित है।
- यह एक सीमित संस्करण (Limited Edition) है, जिसमें केवल 100 हार्डकवर प्रतियां पुनर्चक्रित (Recycled) कपास के कागज पर छपी हैं।
- संस्थापक स्तुति सरीन का उद्देश्य कला के माध्यम से जटिल मानवीय भावनाओं को बच्चों तक पहुँचाना है।
वाराणसी की उभरती हुई कलात्मक शक्ति, Mysticeti, ने अब बच्चों के प्रकाशन (Children's Publishing) के क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। संस्था की संस्थापक स्तुति सरीन द्वारा लिखित और अलंकृता अमाया द्वारा चित्रित उनकी नई पुस्तक, 'Bapa Wants Fish', केवल एक कहानी नहीं बल्कि भावनाओं का एक गहरा सफर है। यह पुस्तक 1990 के दशक के ओडिशा की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जो परिवार, भोजन, और एक चक्रवात के बीच जीवन की अनिश्चितताओं को एक बच्चे के नजरिए से दर्शाती है।
साहित्य और कला का अनूठा संगम
यह पुस्तक अपनी बनावट में एक 'चैप्टर बुक' और 'पिक्चर बुक' का मिश्रण है, जिसे शिक्षकों, माता-पिता और पुस्तक संग्राहकों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। स्तुति सरीन के अनुसार, इस पुस्तक का उद्देश्य उन विषयों पर बात करना है जिन्हें अक्सर बच्चों के साहित्य में अनदेखा कर दिया जाता है, जैसे कि मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक जटिलता और अनिश्चितता। विशेष बात यह है कि यह पुस्तक पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए पुनर्चक्रित कपास के कचरे से बने कागज (Recycled Cotton Waste Paper) पर छपी है।
Mysticeti: रचनात्मकता का एक नया केंद्र
2020 में स्थापित, Mysticeti केवल एक आर्ट ग्रुप नहीं है, बल्कि एक ऐसा मंच है जहाँ कहानियाँ, विचार और कला एक साथ पनपते हैं। स्तुति सरीन, जिन्होंने लंदन के किंग कॉलेज से पब्लिक पॉलिसी में मास्टर किया है और संयुक्त राष्ट्र (UN) में भी काम कर चुकी हैं, ने लॉकडाउन के दौरान वाराणसी में अपनी जड़ों की ओर वापसी की। यहीं से उनकी रचनात्मक शिक्षा और सामुदायिक सेवा की यात्रा शुरू हुई। उनके अन्य प्रोजेक्ट्स में 'Kauri’s Kart' शामिल है, एक पुरानी वैन जो वाराणसी के बच्चों तक किताबें और कला सामग्री पहुँचाती है।
भविष्य की योजनाएं और विस्तार
स्तुति सरीन का विजन केवल एक किताब तक सीमित नहीं है। वे एक ऐसा प्रकाशन विभाग बनाना चाहती हैं जहाँ विभिन्न कलाकार मिलकर सांस्कृतिक जागरूकता और वास्तविक इतिहास पर आधारित कहानियाँ लिखें। उनकी अगली पुस्तक, जो स्वतंत्रता-पूर्व भारत की यादों पर आधारित होगी, 2026 के अंत तक आने की संभावना है। वर्तमान में, वे गोवा में रहकर अपने इस रचनात्मक सफर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की तैयारी कर रही हैं।