दक्षिणचित्रा के वार्षिक लैंगफ़ेस्ट 2026 में दो दिन के पैनल चर्चा और कला‑प्रस्तुति के माध्यम से एकल इतिहास की धारणा को चुनौती दी जाएगी, तथा बहु‑आवाज़ों की मान्यता को बढ़ावा दिया जाएगा।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • ‘Histories in Plural’ थीम के तहत विविध पैनल और संगीत कार्यक्रम
  • प्राचीन तमिल वाद्य यज़ और कुदामुज़ा की पुनरुज्जीवन
  • इतिहास, सिनेमा, व्यापार और नारीवादी आंदोलनों पर बहुपक्षीय संवाद

दक्षिणचित्रा संग्रहालय, जो ईस्ट कोस्ट रोड पर स्थित है, ने अपने वार्षिक लैंगफ़ेस्ट को दो दिन के कार्यक्रम में फिर से जीवंत किया है। 2021 से चल रही इस परम्परा की छठी संस्करण में ‘Histories in Plural’ यानी ‘बहुल इतिहास’ थीम को अपनाते हुए, आयोजनकर्ता इतिहास के एकल सत्य को चुनौती देते हुए कई आवाज़ों को मंच पर लाने का प्रयत्न कर रहे हैं।

पृष्ठभूमि और विकास

दक्षिणचित्रा का लैंगफ़ेस्ट केवल एक सांस्कृतिक समारोह नहीं, बल्कि विचारों, कला और इतिहास के मिश्रण का एक प्रयोगात्मक मंच है। निर्देशक अनीथा पॉट्टमकुलम ने बताया कि प्रत्येक वर्ष इस फेस्ट में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाता है, जिससे दर्शकों को विविध दृष्टिकोणों से परिचित कराया जाता है। पिछले पाँच वर्षों में इस फेस्ट ने लोक संगीत, प्राचीन वाद्य यंत्रों, सिनेमा और शहरी इतिहास जैसे विषयों को समेटा है।

कार्यक्रम का विस्तृत विवरण

28 फरवरी से 1 मार्च तक चलने वाले इस दो‑दिवसीय कार्यक्रम में कई पैनल चर्चा और प्रदर्शनियों का क्रम है। पहला दिन, फिल्म निर्माता टी.जे. ज्ञानवेल और पत्रकार सशी कुमार के बीच ऐतिहासिक फ़िल्मों पर संवाद, तथा थारुण शेखर की बैंड उरु पानर द्वारा प्राचीन तमिल वाद्य यज़ और कुदामुज़ा की ध्वनि को पुनर्जीवित करने वाला संगीत कार्यक्रम शामिल है। बैंड ने अपनी नवीनतम एल्बम ‘थोल’ के कुछ नए गीत भी प्रस्तुत किए।

दूसरे दिन ‘History for Peace’ के अंतर्गत सामाजिक शांति के इतिहास पर चर्चा, तथा नारीवादी आंदोलन की उत्पत्ति पर एक पैनल होगा। व्यापार इतिहास पर विशेषज्ञ रामन महादेवन और नीति विश्लेषक हरिश दामोदरन के बीच संवाद व्यापार की बहुपक्षीय दृष्टि को उजागर करेगा। साथ ही, ‘Polyphony Sounds Better’ सत्र में वरिष्ठ संगीतकार संगीता शिवाकुमार और विभिन्न शैलियों के कलाकारों के बीच बहु‑सुर की महत्ता पर चर्चा होगी।

बहुल इतिहास का महत्व

अनीथा पॉट्टमकुलम का मानना है कि इतिहास केवल बड़े‑बड़े घटनाओं की सूची नहीं, बल्कि छोटे‑छोटे व्यक्तिगत अनुभवों का सामूहिक संग्रह है। “इतिहास हमें संदर्भ देता है और निर्णय‑निर्धारण में मदद करता है; जब हम विभिन्न आवाज़ों को सुनते हैं, तो हमारी समझ और सहानुभूति दोनों ही गहरी होती है,” उन्होंने कहा। इस विचारधारा को जीवंत करने के लिए फेस्ट में विभिन्न शैलियों के संगीत, सिनेमा, शहरी विकास और सामाजिक आंदोलनों का मिश्रण प्रस्तुत किया गया है।

लैंगफ़ेस्ट 2026 न केवल चेनई के सांस्कृतिक कैलेंडर में एक प्रमुख कार्यक्रम है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर बहुल इतिहास के सिद्धांत को लोकप्रिय बनाने का एक महत्वपूर्ण कदम भी है। इस तरह के मंचों से भविष्य में अधिक समावेशी, बहु‑आवाज़ी इतिहास लेखन की उम्मीद की जा सकती है।