क्रिस्टोफ़र नोलन की ‘द ओडिसी’ ने विश्व भर के फिल्म प्रेमियों को 70 mm IMAX स्क्रीन खोजने के लिए प्रेरित किया है, जबकि केवल 41 सिनेमाघर ही इस फॉर्मेट को प्रदर्शित कर सकते हैं। IMAX के सीईओ ने बताया कि नई प्रोजेक्टर बनाना व्यावहारिक नहीं है, जिससे दर्शकों की बढ़ती मांग पूरी नहीं हो पा रही है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- ‘द ओडिसी’ केवल 41 IMAX 70mm स्क्रीन पर दिखेगी
- IMAX के सीईओ ने नई 1570 प्रोजेक्टर बनाने को असंभव कहा
- फिल्म की लागत, तकनीकी जटिलता और कम रिटर्न निवेश को रोक रहे हैं
क्रिस्टोफ़र नोलन की नवीनतम महाकाव्य ‘द ओडिसी’ ने विश्व स्तर पर दर्शकों को 70 mm IMAX फ़ॉर्मेट में फिल्म देखने के लिए 41 सीमित सिनेमाघरों की खोज करने पर मजबूर कर दिया है। यह फॉर्मेट, जिसे 15‑70 mm (1570) फ़िल्म स्टॉक कहा जाता है, नोलन के पहले पूरे फिल्म में इस्तेमाल किया गया था, जिससे इसकी विशिष्ट दृश्य गुणवत्ता को लेकर उत्सुकता बढ़ी है।
IMAX 70mm का इतिहास और तकनीकी चुनौतियाँ
IMAX 70mm फ़िल्म 1990 के दशक में अपने विशाल स्क्रीन आकार और असाधारण रिज़ॉल्यूशन के कारण प्रमुख बन गई थी। नोलन ने कई दशकों से इस फ़ॉर्मेट को समर्थन दिया, विशेष रूप से बड़े‑स्क्रीन अनुभव को पुनः स्थापित करने के लिए। लेकिन 1570 कैमरों का वजन, शोर और हर तीन मिनट के बाद फिल्म रील बदलने की आवश्यकता ने उत्पादन को जटिल बना दिया, जिससे केवल कुछ ही सिनेमाघर इस तकनीक को संभाल पाते हैं।
IMAX के सीईओ की टिप्पणी
Variety के साथ एक साक्षात्कार में IMIMAX के सीईओ रिचर्ड गैलफ़ोंड ने बताया कि नई 1570 प्रोजेक्टर बनाना “व्यावहारिक नहीं” है। उन्होंने कहा, “हम हर दिन नई डिजिटल प्रोजेक्टर बनाते हैं, लेकिन फ़िल्म‑आधारित 1570 प्रोजेक्टर अब लगभग 50 साल में नहीं बने हैं। हमें मौजूदा उपकरणों को रीट्रोफ़िट और रीबिल्ड करना पड़ता है, जैसा कि ‘द ओडिसी’ के लिए किया गया।”
आर्थिक और व्यावसायिक कारण
1570 फ़ॉर्मेट की लागत डिजिटल प्रोजेक्शन की तुलना में कई गुना अधिक है। नोलन की फिल्म के लिए 17 किमी से अधिक लंबी फ़िल्म रील, 240 किलोग्राम वजन की, विशेष हैंडलिंग और रख‑रखाव की मांग करती है। इस प्रकार की उच्च लागत और सीमित सामग्री का पुनः‑उपयोग नोलन जैसी “वन‑ऑफ़” फ़िल्मों के लिए ही संभव है, जिससे सिनेमाघरों को निवेश पर पर्याप्त रिटर्न नहीं मिलता।
भविष्य की राह
गैलफ़ोंड ने कहा कि मांग मौजूद है—कुछ थिएटर पाँचवें हफ़्ते तक भी पूरी तरह बुक हो रहे हैं—परंतु तकनीकी और आर्थिक बाधाएँ विस्तार को रोक रही हैं। यदि भविष्य में फ़िल्म निर्माताओं द्वारा 1570 फ़ॉर्मेट का बार‑बार उपयोग नहीं किया जाता, तो इस प्राचीन तकनीक का अस्तित्व ख़तरे में पड़ सकता है। इससे फिल्म उद्योग को डिजिटल‑पहले के शानदार दृश्य अनुभवों को संरक्षित करने के लिए वैकल्पिक समाधान तलाशने पड़ेंगे।