उत्तर प्रदेश अगले महीने जापान और यमनाशी प्रान्त के 200 से अधिक सीईओ की मेजबानी करने के लिए तैयार है। यह पांच दिवसीय दौरा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जापान यात्रा का अनुवर्ती है, जिसका उद्देश्य विनिर्माण, हरित हाइड्रोजन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देना है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- उत्तर प्रदेश 19 अगस्त से 200 से अधिक जापानी सीईओ के एक विशाल व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी करेगा।
- यह दौरा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हालिया जापान यात्रा के बाद द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
- प्रतिनिधिमंडल विनिर्माण, ग्रीन हाइड्रोजन, ऑटोमोबाइल, खाद्य प्रसंस्करण और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं तलाशेगा।
उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेश के मानचित्र पर तेजी से उभर रहा है। इसी कड़ी में राज्य अगले महीने जापान के यमनाशी प्रान्त से 200 से अधिक मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEOs) के एक विशाल व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है। 19 अगस्त से शुरू होने वाले इस पांच दिवसीय कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राज्य में निवेश के नए अवसरों की तलाश करना और विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना है।
इस ऐतिहासिक दौरे की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए यमनाशी प्रान्त सरकार के सलाहकार श्री नरेंद्र उपाध्याय के नेतृत्व में 12 सदस्यीय उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ स्थित 'इन्वेस्ट यूपी' (Invest UP) कार्यालय का दौरा किया। बुनियादी ढांचा और औद्योगिक विकास आयुक्त (IIDC) श्री दीपक कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में इन्वेस्ट यूपी के सीईओ श्री विजय किरण आनंद और अतिरिक्त सीईओ श्री शशांक चौधरी भी उपस्थित थे। बैठक के दौरान पांच दिवसीय यात्रा के कार्यक्रम और कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया।
इस यात्रा के दौरान जापानी प्रतिनिधिमंडल राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, उद्योग जगत के नेताओं और अन्य हितधारकों के साथ कई महत्वपूर्ण सरकारी-से-व्यापार (G2B) और व्यापार-से-व्यापार (B2B) बैठकें करेगा। चर्चा के मुख्य विषयों में विनिर्माण (Manufacturing), ग्रीन हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, वैश्विक क्षमता केंद्र (GCCs), ऑटोमोबाइल, खाद्य प्रसंस्करण, कौशल विकास और जनशक्ति विनिमय (Manpower Exchange) शामिल हैं। इस दौरे से राज्य में नए समझौता ज्ञापनों (MoUs), 'लेटर्स ऑफ कम्फर्ट' (LoCs) जारी होने और औद्योगिक परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन का मार्ग प्रशस्त होने की प्रबल संभावना है।
आर्थिक सहयोग के साथ-साथ दोनों क्षेत्रों के बीच सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। यमनाशी प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश के पर्यटन और संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह से भी मुलाकात की। इस बैठक में आधुनिक पर्यटन बुनियादी ढांचे के विकास, कनेक्टिविटी में सुधार, विरासत संरक्षण और आतिथ्य (Hospitality) तथा वेलनेस पर्यटन के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने पर विस्तृत चर्चा की गई। यमनाशी प्रान्त, जो अपने सुरम्य दृश्यों और माउंट फूजी के लिए प्रसिद्ध है, और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध उत्तर प्रदेश के बीच यह सहयोग दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करेगा।
उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य राज्य को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है, और इस दिशा में विदेशी निवेश आकर्षित करना बेहद महत्वपूर्ण है। जापानी कंपनियों की तकनीकी विशेषज्ञता और उत्तर प्रदेश के विशाल बाजार व प्रचुर मानव संसाधन का यह संगम राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को पूरी तरह से बदल सकता है। 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' और बेहतर कानून-व्यवस्था के दम पर उत्तर प्रदेश अब वैश्विक निवेशकों के लिए पहली पसंद बनता जा रहा है।