तमिलनाडु के थिरुमुदिवक्कम औद्योगिक एस्टेट में आयोजित TEXPO 2026 ने 299 प्रदर्शकों को एकत्र किया, जिससे छोटे‑मध्यम उद्यमों (MSME) को नई साझेदारियों और तकनीकी नवाचारों का मंच मिला। इस आयोजन ने राज्य की औद्योगिक प्रतिस्पर्धा को तेज करने में अहम भूमिका निभाई।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • 299 औद्योगिक प्रदर्शकों ने TEXPO 2026 में भाग लिया
  • 2,000 पंजीकरण, विविध उद्योगों की सहभागिता
  • MSME के लिए स्वचालन, AI और कॉलेज छात्रों की भागीदारी को प्रोत्साहन

चेनई के निकट स्थित थिरुमुदिवक्कम औद्योगिक एस्टेट में आयोजित TEXPO 2026, तमिलनाडु के प्रमुख बी2बी प्रदर्शनी मंचों में से एक के रूप में उभरा। थिरुमुदिवक्कम इंडस्ट्रियल एस्टेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने इस इवेंट को SIDCO औद्योगिक एस्टेट में आयोजित किया, जहाँ लगभग 299 प्रदर्शकों ने अपनी नवीनतम तकनीकों और उत्पादों का प्रदर्शन किया।

पृष्ठभूमि और महत्व

टेक्सपो की शुरुआत 2010 में हुई थी, जिसका लक्ष्य राज्य के छोटे और मध्यम उद्यमों (MSME) को बड़े उद्योगों, सरकारी एजेंसियों और शैक्षणिक संस्थानों के साथ जोड़ना रहा है। पिछले संस्करणों में 200‑250 प्रदर्शकों की संख्या रही, जबकि 2026 में यह 299 तक पहुंच गया, जो इस कार्यक्रम की बढ़ती आकर्षण को दर्शाता है।

उद्यमियों और अधिकारियों की प्रतिक्रियाएँ

टीएक्सपीओ 2026 के चेयरमैन आर. सेल्वम ने कहा, “हमने लगभग 2,000 पंजीकरण प्राप्त किए हैं, और सभी प्रतिभागी विभिन्न उद्योगों से आए हैं।” कांचीपुरम कलेक्टर डी. स्नेहा ने इस इवेंट को क्षेत्रीय आर्थिक विकास के लिए “महत्वपूर्ण योगदान” कहा और MSME को सहयोग की नई संभावनाएँ प्रदान करने पर बल दिया।

भविष्य की दिशा: स्वचालन और युवा प्रतिभा

कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज (CII) चेयरमैन आर.वी. चारी ने स्वचालन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नई उत्पाद विकास को “आगे की राह” बताया। उन्होंने कॉलेज छात्रों को “सहज और किफायती स्वचालन” में शामिल करने की सलाह दी, जिससे उद्योगों को नई विचारधारा और कार्यशक्ति मिल सके।

सार्वजनिक क्षेत्र की भागीदारी की माँग

तमिलनाडु स्मॉल एंड टिनी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष एस. वासुदेवन ने सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को इस तरह के कार्यक्रमों में अधिक सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की, ताकि सार्वजनिक‑निजी साझेदारी को मजबूती मिले।

कुल मिलाकर, TEXPO 2026 ने न केवल प्रदर्शकों को एकत्र किया, बल्कि उद्योग, सरकार और शिक्षा के बीच एक सहयोगी मंच स्थापित किया, जो राज्य की औद्योगिक प्रतिस्पर्धा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।