तमिलनाडु मर्केंटाइल बैंक (TMB) ने थूथुकुड़ी में आयोजित 104वें वार्षिक आम बैठक में FY 2025‑2026 के लिए सर्वाधिक व्यापार, अभूतपूर्व लाभ और चार दशकों से बेहतर एसेट क्वालिटी की रिपोर्ट दी। बैंक के भाग‑कालिक चेयरमैन के. रामाचंद्रन ने आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद इस सफलता को रणनीतिक जोखिम प्रबंधन और ग्राहक‑केंद्रित विस्तार को श्रेय दिया।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • FY 2025‑2026 में TMB ने कुल व्यापार में ऐतिहासिक उच्च स्तर दर्ज किया
  • बैंक ने रिकॉर्ड लाभ और चार दशक में सर्वश्रेष्ठ एसेट क्वालिटी हासिल की
  • भविष्य के विकास के लिए जोखिम प्रबंधन और ग्राहक‑केंद्रित रणनीति को प्राथमिकता दी गई

तमिलनाडु मर्केंटाइल बैंक (TMB) लिमिटेड ने 14 जुलाई को थूथुकुड़ी में अपनी 104वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) आयोजित की। इस बैठक में भाग‑कालिक चेयरमैन के. रामाचंद्रन ने बैंक की वित्तीय उपलब्धियों पर प्रकाश डाला, जिसमें FY 2025‑2026 के लिये कुल व्यापार में अभूतपूर्व वृद्धि, लाभप्रदता में नया शिखर और लगभग चार दशकों में सबसे बेहतर एसेट क्वालिटी शामिल है।

वित्तीय वर्ष 2025‑2026 की प्रमुख उपलब्धियां

बैंक ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में कुल व्यापार (डिपॉजिट + लोन) 1.2 ट्रिलियन रुपये से अधिक हो गया, जो उसके इतिहास में सबसे बड़ा आंकड़ा है। लाभप्रदता के संदर्भ में, शुद्ध लाभ 18,000 करोड़ रुपये तक पहुंचा, जिससे पिछले वर्ष की तुलना में 22% की वृद्धि हुई। एसेट क्वालिटी में, नॉन‑परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) का अनुपात 0.85% तक घटाया गया, जो 1990 के दशक से सबसे कम स्तर है।

रणनीतिक दिशा-निर्देश

के. रामाचंद्रन ने कहा कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और भू‑राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद, बैंक ने सुदृढ़ जोखिम प्रबंधन, तकनीकी उन्नयन और ग्राहक‑केंद्रित उत्पादों के माध्यम से अपनी स्थिति को मज़बूत किया है। उन्होंने डिजिटल बैंキング, ग्रामीण विस्तार और लोन‑टू‑वैल्यू (LTV) अनुपात को अनुकूलित करने की योजनाओं का भी उल्लेख किया, जिससे भविष्य में वृद्धि की गति बनी रहेगी।

स्थानीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

थूथुकुड़ी और आसपास के क्षेत्रों में TMB की मजबूत स्थिति स्थानीय व्यवसायों और कृषि सेक्टर के लिए वित्तीय स्थिरता प्रदान करती है। नई शाखाओं के उद्घाटन और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के विस्तार से छोटे और मध्यम उद्यमों (SMEs) को सुलभ ऋण सुविधा मिल रही है, जिससे रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को गति मिल रही है।

भविष्य की दृष्टि

बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि बैंक अगले पाँच वर्षों में अपने डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर में 30% निवेश करेगा, साथ ही पर्यावरण‑सचेत वित्तीय उत्पादों के विकास पर भी ध्यान देगा। इस रणनीति से न केवल शेयरधारकों को मूल्य मिलेगा, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी पूरी होगी।