छत्तीसगढ़ के रायपुर में उपभोक्ता फोरम ने एक कार डीलर को आदेश दिया है कि वह डॉक्टर को पुरानी मॉडल की मारुति ग्रैंड विटारा के बदले नई E20-अनुकूल कार प्रदान करे।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- रायपुर उपभोक्ता फोरम ने कार डीलर और निर्माता के खिलाफ फैसला सुनाया।
- डॉक्टर को 17 महीने पुराना वाहन 'नया' बताकर बेचा गया था।
- पुराना मॉडल E20 पेट्रोल (20% इथेनॉल) के अनुकूल नहीं था, जिससे इंजन खराब हुआ।
- फोरम ने नई कार देने और 1 लाख रुपये मुआवजे का आदेश दिया है।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्थित जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने ऑटोमोबाइल क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मिसाल कायम की है। आयोग ने एक कार डीलर को आदेश दिया है कि वह एक डॉक्टर को बेची गई पुरानी मॉडल की मारुति ग्रैंड विटारा को बदलकर नई E20-अनुपालन वाली कार प्रदान करे। यह मामला न केवल उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा करता है, बल्कि ऑटोमोबाइल कंपनियों की अनैतिक व्यापारिक प्रथाओं पर भी कड़ा प्रहार करता है।
मामले की पृष्ठभूमि और धोखाधड़ी का खुलासा
शिकायतकर्ता, डॉ. प्रेमराज डेबता, ने जून 2024 में 18.29 लाख रुपये में एक मारुति ग्रैंड विटारा हाइब्रिड ज़ेटा प्लस खरीदी थी। मात्र पांच महीनों के भीतर ही कार के इंजन में गंभीर समस्याएं आने लगीं। जब डॉक्टर ने इसे सर्विस सेंटर पर दिखाया, तो डीलर ने दोष 'मिलावटी पेट्रोल' पर मढ़ दिया। हालांकि, जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया: जिस कार को 'नई' बताकर बेचा गया था, वह वास्तव में जनवरी 2023 में निर्मित एक पुराना स्टॉक था।
E20 ईंधन और तकनीकी विसंगति
भारत सरकार के नए मानकों के अनुसार, नए वाहन E20 ईंधन (20% इथेनॉल मिश्रण) के अनुकूल होने चाहिए। आयोग ने पाया कि डॉक्टर को बेचा गया वाहन 17 महीने पुराना था और उसमें E20 तकनीक का अभाव था। जब डॉक्टर ने आधुनिक ईंधन का उपयोग किया, तो इंजन में खराबी आ गई। डीलर ने समाधान के बजाय डॉक्टर को भारी भरकम राशि या कार को कम कीमत पर बेचने का दबाव बनाया, जिसे आयोग ने 'सेवा में कमी' और 'अनुचित व्यापार व्यवहार' माना।
न्यायालय का ऐतिहासिक निर्णय
प्रशांत कुंडू (अध्यक्ष) और डॉ. आनंद वर्गीस (सदस्य) की अध्यक्षता वाली पीठ ने फैसला सुनाया कि यदि 45 दिनों के भीतर डॉक्टर को समान मॉडल की नई E20-अनुकूल कार नहीं दी गई, तो डीलर को पूरी राशि ब्याज सहित वापस करनी होगी। इसके अतिरिक्त, मानसिक उत्पीड़न के लिए 1 लाख रुपये का मुआवजा भी देने का आदेश दिया गया है।