कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अनौपचारिक क्षेत्र, गिग वर्करों और स्व‑नियोजित लोगों के लिए एक नई सार्वभौमिक भविष्य निधि योजना तैयार कर रहा है। इस योजना में दैनिक या वार्षिक योगदान, कर‑छूट और लचीली निकासी विकल्प शामिल होंगे, जिससे लाखों कामगारों को सामाजिक सुरक्षा मिल सकेगी।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- EPFO नई सार्वभौमिक भविष्य निधि योजना तैयार कर रहा है।
- गिग वर्कर, स्व‑नियोजित और अनौपचारिक क्षेत्र के कामगार भी इसमें शामिल होंगे।
- दैनिक या वार्षिक योगदान, पूर्ण कर‑छूट और लचीली निकासी विकल्प उपलब्ध होंगे।
नई योजना का मूल ढांचा वर्तमान EPFO मॉडल पर आधारित होगा, लेकिन इसमें कुछ महत्वपूर्ण बदलाव जोड़े जाएंगे। संभावित सब्सक्राइबर्स को दैनिक, मासिक या वार्षिक आधार पर योगदान करने की सुविधा मिलेगी, और उनका जमा रक्कम वार्षिक ब्याज के साथ बढ़ेगी। कर‑छूट की सीमा 2.5 लाख रुपये तक रखी गई है, जिससे जमा पर मिलने वाला ब्याज भी कर‑मुक्त रहेगा।
पृष्ठभूमि और अंतरराष्ट्रीय मॉडल
EPFO ने इस योजना को तैयार करने के लिए सिंगापुर सहित कई देशों के सामाजिक सुरक्षा मॉडल का अध्ययन किया है। सिंगापुर के केंद्रीय जमा योजना (CPF) की लचीलापन और स्व‑निधि वित्तीय ढांचा इस नई योजना के प्रमुख प्रेरणा स्रोत माना गया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि भारत में भी स्व‑निधि‑आधारित सामाजिक सुरक्षा प्रणाली को अपनाने की दिशा में गंभीर प्रयास चल रहा है।
लाभ और निकासी की नई सुविधाएँ
भविष्य निधि के निकासी के चरण में बदलाव की योजना है, जिससे रिटायरमेंट के समय भी जमा राशि EPFO की देखरेख में रहेगी। विशेष रूप से, एक व्यवस्थित निकासी योजना (Systematic Withdrawal Plan) की पेशकश की जाएगी, जिससे लाभार्थी अपनी जरूरत के अनुसार अग्रिम या पश्च‑भुगतान का चयन कर सकेंगे। यह सुविधा मौजूदा सदस्यता धारकों के लिए भी विस्तारित की जा सकती है।
स्व‑निधि मॉडल और बजट पर प्रभाव
यह योजना पूरी तरह से स्व‑निधि पर आधारित होगी, यानी केंद्र सरकार की कोई बजटीय सहायता नहीं होगी। इससे प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना जैसी योजनाओं से अलग, जहाँ सरकार 50% योगदान देती है, एक अलग वित्तीय ढांचा तैयार होगा। यह कदम भारत के व्यापक श्रम सुधार एजेंडे के तहत आया है, जहाँ श्रम मंत्रालय सामाजिक सुरक्षा को सभी वर्गों तक पहुँचाने की कोशिश कर रहा है।
भविष्य की दिशा
यदि यह योजना मंज़ूर हो जाती है, तो फ्रीलांस कंसल्टेंट, राइड‑शेयर ड्राइवर या छोटे व्यापारियों जैसे स्व‑नियोजित लोग भी अपनी सेवानिवृत्ति के लिए व्यवस्थित रूप से बचत कर सकेंगे। यह न केवल व्यक्तिगत वित्तीय सुरक्षा को बढ़ाएगा, बल्कि अनौपचारिक क्षेत्र के रोजगार को भी आधिकारिक रूप देगा, जिससे नीति‑निर्माताओं को भविष्य में डेटा‑आधारित निर्णय लेने में मदद मिलेगी।