इंडियन गैस एक्सचेंज (IGX) ने सेबी को प्रारंभिक आईपीओ दस्तावेज़ प्रस्तुत किए हैं। यह पूर्णतः ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा, जिसमें सभी आय शेष शेयरधारक आईईएक्स को जाएगी, जिससे IGX को कोई राजस्व नहीं मिलेगा।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • IGX ने सेबी में IPO के ड्राफ्ट दस्तावेज़ दायर किए
  • IPO पूरी तरह OFS होगा, सभी आय IEX को जाएगी
  • IEX को अपने 47% शेयर को 25% तक घटाना पड़ेगा

इंडियन गैस एक्सचेंज लिमिटेड (IGX) ने भारत के नियामक सेबी को ड्राफ्ट रेड हेयरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा किया, जिससे कंपनी का सार्वजनिक प्रस्ताव (IPO) शुरू हो सके। यह प्रस्ताव 1.67 करोड़ इक्विटी शेयरों की पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) के रूप में पेश किया गया है, जिसके प्रमोटर इंडियन एनर्जी एक्सचेंज लिमिटेड (IEX) हैं।

ओएफएस मॉडल का असर

ओएफएस मॉडल के तहत, IGX को इस पूंजी उगाहने से कोई आय नहीं होगी; सभी प्राप्य राशि सीधे शेयरधारक IEX को जाएगी। इस प्रकार, IGX की वित्तीय स्थिति पर तत्काल कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन सार्वजनिक सूचीकरण से ब्रांड की दृश्यता और भरोसा बढ़ेगा।

इंडियन एनर्जी एक्सचेंज की हिस्सेदारी घटाने की आवश्यकता

IEX वर्तमान में IGX में 47% से अधिक शेयर रखता है, जबकि नियामक नियम के अनुसार इसे 25% तक घटाना अनिवार्य है। इस शेयर कटौती को पूरा करने के लिए IEX ने इस OFS के माध्यम से अपने हिस्से को बाजार में बेचा है, जिससे निवेशकों को नई प्रवेश का अवसर मिलेगा।

IGX का विकास और बाजार स्थिति

IGX को नवंबर 2019 में IEX की पूरी‑स्वामित्व वाली सहायक कंपनी के रूप में स्थापित किया गया था। जून 2020 में इसका इलेक्ट्रॉनिक गैस ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च हुआ, और दिसंबर 2020 में पेट्रोलियम और नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (PNGRB) से गैस एक्सचेंज के रूप में मान्यता प्राप्त हुई। कंपनी अब राष्ट्रीय गैस पाइपलाइन नेटवर्क से जुड़े कई डिलीवरी हब पर मानकीकृत भौतिक डिलीवरी‑आधारित अनुबंधों के माध्यम से प्राकृतिक गैस का इलेक्ट्रॉनिक व्यापार करती है।

वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य की दिशा

वित्तीय वर्ष समाप्त मार्च 2026 में IGX ने संचालन से ₹61 करोड़ की आय दर्ज की, जो FY25 के ₹48.8 करोड़ और FY24 के ₹34.8 करोड़ से क्रमशः 25% और 75% बढ़ोतरी दर्शाती है। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ राजेश कुमार मेदीरत्ता ने पहले कहा था कि दिसंबर 2026 तक IPO का लक्ष्य है। इस चरण में Axis Capital और Motilal Oswal Investment Advisors प्रमुख बुक‑रनिंग लीड मैनेजर्स के रूप में नियुक्त हैं, जबकि KFin Technologies लिमिटेड रजिस्ट्रार का कार्य संभाल रहा है।