दिग्गज अभिनेता परेश रावल ने अपने पुराने विवादित ट्वीट्स और सोशल मीडिया की नकारात्मकता पर पछतावा जताया है। उन्होंने बताया कि कैसे डिजिटल विवादों के कारण उनका ब्लड प्रेशर बढ़ गया था।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • परेश रावल ने अरुंधति रॉय और अनुपमा चोपड़ा को निशाना बनाने वाले अपने ट्वीट्स पर खेद जताया है।
  • अभिनेता ने स्वीकार किया कि सोशल मीडिया की विषाक्तता (toxicity) के कारण उनका ब्लड प्रेशर बढ़ गया था।
  • उन्होंने फिल्म समीक्षकों द्वारा दी जाने वाली आलोचना और रचनात्मक चर्चा के बीच के अंतर को स्पष्ट किया।
  • रावल ने अपने पुराने व्यवहार को 'मूर्खतापूर्ण' बताते हुए खुद पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

भारतीय सिनेमा के दिग्गज और बहुआयामी अभिनेता परेश रावल ने हाल ही में अपने सार्वजनिक व्यवहार और सोशल मीडिया पर दिए गए विवादित बयानों पर खुलकर बात की है। एक साक्षात्कार के दौरान, रावल ने स्वीकार किया कि ट्विटर (अब X) पर उनकी तीखी टिप्पणियों ने न केवल उनके प्रशंसकों के बीच बहस छेड़ी, बल्कि उनकी व्यक्तिगत सेहत पर भी बुरा प्रभाव डाला। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें अरुंधति रॉय और फिल्म समीक्षक अनुपमा चोपड़ा को निशाना बनाने वाले अपने पिछले ट्वीट्स पर पछतावा है।

डिजिटल विषाक्तता और स्वास्थ्य पर प्रभाव

परेश रावल ने खुलासा किया कि सोशल मीडिया की दुनिया में व्याप्त नकारात्मकता और 'टॉक्सिसिटी' ने उन्हें शारीरिक रूप से प्रभावित करना शुरू कर दिया था। उन्होंने बताया, "मेरा ब्लड प्रेशर बढ़ गया था। मेरे डॉक्टर ने मुझे स्पष्ट सलाह दी है कि सोने से पहले समाचार चैनल न देखें और सुबह उठने के तुरंत बाद अखबार न पढ़ें।" रावल का मानना है कि सोशल मीडिया अक्सर एक 'डंपिंग ग्राउंड' बन जाता है जहाँ लोग बिना सोचे-समझे अपनी भड़ास निकालते हैं, और वे भी इस प्रवृत्ति का हिस्सा रहे हैं।

अनुपमा चोपड़ा विवाद और रचनात्मक आलोचना

फिल्म 'धुरंधर' के बाद अनुपमा चोपड़ा को "मिस इरेलेवेंट" कहने वाले अपने चर्चित ट्वीट पर बात करते हुए, रावल ने इसे 'अनावश्यक' बताया। हालांकि, उन्होंने फिल्म के प्रति अपने समर्थन को बरकरार रखा। उन्होंने तर्क दिया कि यदि कोई फिल्म अच्छी बनी है, तो समीक्षकों को रचनात्मक आलोचना (constructive criticism) करनी चाहिए, न कि केवल नकारात्मकता फैलाना चाहिए। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनके ट्वीट के बाद चोपड़ा को मिलने वाली अभद्र टिप्पणियों और धमकियों पर उन्हें खेद है, क्योंकि वे एक शिक्षित और सभ्य महिला हैं।

कलाकार का आत्ममंथन

अपने करियर के उतार-चढ़ाव और स्वभाव पर चर्चा करते हुए, रावल ने एक पुरानी घटना का भी जिक्र किया जहाँ उन्होंने मंच पर एक दर्शक के साथ दुर्व्यवहार किया था। उन्होंने इसे अपनी "मूर्खता" करार दिया और कहा कि एक कलाकार को परिस्थितियों और अपने स्वयं के आवेगों पर नियंत्रण रखना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे किसी को नीचे गिराने या लालच में आकर कुछ भी गलत करने के इच्छुक नहीं हैं, वे केवल अपनी ईमानदारी और स्पष्टवादिता के लिए जाने जाते हैं।